नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2026 । भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें सप्ताह गिरावट दर्ज हुई है। Nifty 50 और Sensex दोनों ने 25 वर्षों में सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट का सिलसिला दर्ज किया। गुरुवार को कारोबार के अंत में Nifty 50 करीब 0.88% गिरकर 22,421.95 पर और Sensex 570.59 अंक टूटकर 71,909.70 पर बंद हुआ।
25 साल में गिरावट का सबसे लंबा दौर
ये लगातार 8वां हफ्ता है जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ है। ये पिछले 25 सालों में गिरावट का सबसे लंबा दौर है। इससे पहले साल 2001 में बाजार में लगातार 9 हफ्तों तक गिरावट आई थी।
जनवरी में अपने 26,373 के ऑल-टाइम हाई स्तर से निफ्टी अब तक करीब 15% नीचे आ चुका है। शेयर बाजार के नियमों के मुताबिक, यदि बाजार अपने ऊपरी स्तर से 20% तक गिर जाता है, तो उसे ऑफिशियल ‘बेयर मार्केट’ मान लिया जाता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव
बाजार में दबाव के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये में कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
सितंबर 2026 में Nifty और Sensex दोनों में करीब 6% की गिरावट दर्ज हुई। इस दौरान विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयरों में बिकवाली भी तेज रही।
क्या ‘मंदी’ के करीब है बाजार?
लगातार गिरावट के बावजूद ‘बेयर मार्केट’ की तकनीकी परिभाषा अलग होती है। Nifty अपने जनवरी 2026 के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 15% नीचे बताया गया है; 20% की गिरावट को आम तौर पर बेयर मार्केट की सीमा माना जाता है। इसलिए मौजूदा स्थिति को सीधे बेयर मार्केट घोषित करना उचित नहीं होगा।