पटना, 01 अगस्त 2026 । बिहार में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत वाहन जांच के दौरान सिपाही और सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के अधिकारों को स्पष्ट किया गया है। तय प्रावधानों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में सिपाही और ASI वाहन चालकों से दस्तावेजों की मांग नहीं कर सकेंगे। वाहन जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं अधिकृत अधिकारियों की निगरानी में ही की जाएगी, ताकि अनावश्यक रोक-टोक और शिकायतों पर अंकुश लगाया जा सके।
गाड़ियों के कागजात जांच करने के नियम
- जांच का अधिकार: केवल सब-इंस्पेक्टर (SI) और उनसे ऊपर के अधिकारी ही गाड़ियां रोककर जांच कर सकेंगे।
- निचले कर्मियों का काम: ASI और सिपाही केवल ट्रैफिक रेगुलेट करेंगे और जाम हटाने पर ध्यान देंगे।
- बॉडी वॉर्न कैमरा अनिवार्य: ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का शोल्डर कैमरा हमेशा चालू रहना चाहिए।
- सख्त निगरानी: ड्यूटी के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर रोक रहेगी और मुख्यालय का दस्ता औचक निरीक्षण करेगा।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। ड्यूटी के दौरान यदि कोई पुलिसकर्मी मोबाइल पर रील्स देखता, सोशल मीडिया का अनावश्यक उपयोग करता या अपनी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतता पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के समय पूरा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सुरक्षा पर होना चाहिए।
इन नए निर्देशों का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बढ़ाना, जनता का भरोसा मजबूत करना और कार्यप्रणाली को अधिक पेशेवर बनाना है। विभाग का मानना है कि स्पष्ट जिम्मेदारियां तय होने से अनावश्यक विवाद कम होंगे और पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से पालन कर सकेंगे।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण और मॉनिटरिंग के माध्यम से यह देखा जाएगा कि पुलिसकर्मी निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य कर रहे हैं या नहीं। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।