वसंत कुंज छात्र मौत मामले में हादसे से आगे बढ़ी जांच, दिल्ली पुलिस हर पहलू की कर रही पड़ताल

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नई दिल्ली, 27  जुलाई 2026 । दिल्ली के वसंत कुंज में छात्र की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शुरुआती तौर पर इसे सड़क हादसे के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब पुलिस केवल दुर्घटना की थ्योरी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां घटनास्थल, वाहन की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों समेत सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि सड़क की स्थिति, कार की रफ्तार, ड्राइवर का नियंत्रण, गाड़ी की तकनीकी हालत और घटनास्थल से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर ही हादसे की असली वजह तय होगी। हालांकि इस मामले में अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया गया है। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेगी। घटना के बाद दुर्घटनास्थल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क किनारे पर्याप्त सुरक्षा अवरोधक (सेफ्टी बैरियर) नहीं थे, जबकि संबंधित एजेंसियों का कहना है कि दुर्घटना के समय वाहन तेज रफ्तार में था। इन पहलुओं की भी जांच के दौरान समीक्षा की जा रही है।

हर एंगल से तफ्तीश में जुटी है पुलिस

  • गुरुवार सुबह वसंत कुंज साउथ थाने में नंगल देवत रेड लाइट के पास नाले में कार पलटने से यशवेंद्र की मौत हो गई थी, जबकि उनके साथ कार में मौजूद उनकी दोस्त जख्मी हो गई थीं।
  • जांच में पता चला है कि यशवेंद्र और उनकी दोस्त अमेरिका की यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट हैं और वहीं दोनों की दोस्ती हुई थी।
  • पुलिस ने पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त कार छात्र की है, लेकिन हादसे के समय उसे यशवेंद्र चला रहे थे।
  • पुलिस गाड़ी के ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर और अन्य तकनीकी हिस्सों की भी जांच करा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी मैकेनिकल खराबी ने हादसे में भूमिका तो नहीं है।
  • पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी एक वजह को अंतिम नहीं माना जा सकता।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कार की मैकेनिकल जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण और अन्य तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही, आपराधिक कोण या अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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