जंतर-मंतर के बाद पटना में CJP की नई रणनीति, छात्रा की भावुक अपील से तेज हुई सियासी हलचल

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पटना, 25  जुलाई 2026 । दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद अब सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने अपना अगला अभियान बिहार की राजधानी पटना में चलाने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि हालिया घटनाक्रम और एक छात्रा की भावुक अपील के बाद आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। इसी के मद्देनजर अब पटना में भी जनसभा, संवाद कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।

बिहार से सम्राट चौधरी को भी हटाने के लिए आंदोलन

जंतर-मंतर में आंदोलन को दौरान ये निर्णय तब सामने आया जब प्रदर्शन के दौरान बिहार की एक छात्रा ने अभिजीत दिपके से रोते-बिलखते भावुक अपील की। छात्रा ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को उनके पद से हटाने की मांग करते हुए कहा- ‘भैया, मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि बिहार से सम्राट चौधरी को भी हटवा दीजिए। उस अनपढ़ और गंवार नेतृत्व ने हमारे बिहार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। हमने कभी उन्हें चुनाव में अपना प्रतिनिधि नहीं चुना था।’

बताया जा रहा है कि छात्रा की अपील ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्ष जहां इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़ रहा है, वहीं सत्तापक्ष कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए अपने पक्ष को मजबूती से रख रहा है। इससे बिहार की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

CJP का कहना है कि उसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से लोगों की आवाज उठाना और प्रभावित पक्षों को न्याय दिलाने की दिशा में जनसमर्थन जुटाना है। संगठन के अनुसार, पटना में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों से संवाद किया जाएगा। साथ ही संबंधित मामलों से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को भी सार्वजनिक करने की योजना बनाई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह अभियान बिहार में व्यापक जनसमर्थन जुटाने में सफल रहता है, तो आने वाले समय में यह राज्य की राजनीति का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन को शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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