नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 । राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना, कानून-व्यवस्था में बाधा या सुरक्षा चूक से बचने के लिए पूरे क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और विशेष सुरक्षा इकाइयों के जवान अलग-अलग सुरक्षा घेरों में तैनात किए गए हैं, ताकि भीड़ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
जंतर मंतर पर पांच लेयर की बैरिकेडिंग
पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जंतर मंतर और उसके अलग-अलग जगहों पर पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। मेन एंट्री पर बड़े और मजबूत बैरिकेड लगाए गए हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री जवानों की भी तैनाती की गई है।
कोई नई व्यवस्था नहीं FRS कैमरों का इस्तेमाल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि FRS कैमरों का इस्तेमाल कोई नई व्यवस्था नहीं है। दिल्ली पुलिस पहले भी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, जी-20, होली, दीपावली, ईद, रामलीला और अन्य बड़े धार्मिक एवं राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान इसी तकनीक का उपयोग करती रही है। ऐसे में यह कहना कि जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की जासूसी के लिए कैमरे लगाए गए हैं, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा सीसीटीवी नेटवर्क, ड्रोन निगरानी, बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट भी सक्रिय किए गए हैं।
प्रदर्शन स्थल पर प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान पत्रों की जांच की जा रही है और सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।