हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया मिलकर खोलेंगे विकास के नए रास्ते

शिक्षा से निवेश तक साझेदारी बढ़ाने पर CM सैनी का जोर

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चंडीगढ़ , 09 सितंबर2026 । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, कौशल विकास, इनोवेशन और निवेश के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मजबूत साझेदारी से युवाओं को वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिल सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल सकती है।

मुख्यमंत्री का यह जोर ऐसे समय में आया है जब हरियाणा सरकार शिक्षा और कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने, विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने और रिसर्च एवं इनोवेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश व्यापार, शिक्षा, तकनीक, इनोवेशन, कौशल विकास और लोगों के बीच आपसी संपर्क का लगातार विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में, हरियाणा के लिए राज्य स्तर पर ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग को और मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं।

शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस

हरियाणा सरकार का जोर युवाओं को सिर्फ डिग्री देने के बजाय उन्हें रोजगार और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर है। मुख्यमंत्री सैनी हाल में भी तकनीकी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कह चुके हैं। सरकार ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 5 लाख डेटा सिम उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है, ताकि डिजिटल शिक्षा तक उनकी पहुंच मजबूत हो सके।

राज्य में AI, रोबोटिक्स, कोडिंग, 3D प्रिंटिंग और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग बढ़ने से हरियाणा के विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर पैदा हो सकते हैं। विश्वविद्यालयों के बीच छात्र विनिमय, संयुक्त रिसर्च, फैकल्टी सहयोग, आधुनिक पाठ्यक्रम और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सकता है।

हरियाणा पहले से ही विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग, छात्र एक्सचेंज और रिसर्च गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। राज्य ने अपने उच्च शिक्षा संस्थानों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य भी रखा है।

इनोवेशन और स्टार्टअप को मिल सकता है फायदा

हरियाणा में इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी सरकार का जोर है। अगस्त में मुख्यमंत्री ने बताया था कि राज्य के Innovation Challenge में करीब 250 कंपनियों और स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। सरकार का उद्देश्य इन तकनीकी समाधानों को सरकारी विभागों में लागू कर आम नागरिकों तक उनका लाभ पहुंचाना है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग से हरियाणा के स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार, तकनीकी विशेषज्ञता और निवेशकों तक पहुंच मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए भी हरियाणा का औद्योगिक और कारोबारी ढांचा निवेश का आकर्षक आधार बन सकता है।

मुख्यमंत्री सैनी लगातार हरियाणा को निवेश के लिए अनुकूल राज्य के रूप में पेश कर रहे हैं। हाल ही में ‘Happening Haryana 2.0’ अभियान के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले MoU हुए थे। सरकार ने निवेशकों को नीति स्थिरता, समयबद्ध मंजूरी, प्रोजेक्ट हैंडहोल्डिंग, उद्योग की जरूरत के मुताबिक कौशल और स्थानीय रोजगार से निवेश जोड़ने जैसी गारंटियां देने की बात कही है।

ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के साथ संभावित सहयोग को हरियाणा की व्यापक निवेश रणनीति से भी जोड़कर देखा जा सकता है। विशेष रूप से एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा, तकनीक, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और नए उद्योगों में साझेदारी के अवसर महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

युवाओं को मिलेंगे ग्लोबल अवसर

हरियाणा की अर्थव्यवस्था में उद्योग और सेवा क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य बताया है।

ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश के साथ शिक्षा और कौशल आधारित सहयोग इस लक्ष्य को पूरा करने में मददगार हो सकता है। इससे हरियाणा के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग, नई तकनीक और वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर मिल सकता है।

हरियाणा-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिल सकता है नया आयाम

मुख्यमंत्री सैनी के बयान से संकेत मिलता है कि हरियाणा अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग को केवल निवेश तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, कौशल, तकनीक और इनोवेशन से जोड़कर देख रहा है। ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत साझेदारी राज्य के युवाओं, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के लिए नए रास्ते खोल सकती है।

आने वाले समय में यदि दोनों पक्षों के बीच ठोस समझौते और संस्थागत साझेदारियां आगे बढ़ती हैं, तो हरियाणा के लिए यह सहयोग वैश्विक शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और निवेश के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

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