हरिद्वार, 25 जुलाई 2026 । हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर से जुड़ा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर के पुजारियों की तलाशी लिए जाने के मामले पर ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जताई है और इसे धार्मिक परंपराओं एवं पुजारी समुदाय के सम्मान से जोड़ते हुए विरोध की चेतावनी दी है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से धार्मिक सेवाओं से जुड़े लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद ने जताया कड़ा विरोध
परिषद के अध्यक्ष पंडित सुभाष जोशी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर पुजारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की जांच आवश्यक थी तो उसे गरिमापूर्ण और सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए था। परिषद का दावा है कि प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आई जानकारियों के अनुसार पुजारियों को हाथ ऊपर उठाकर सार्वजनिक रूप से तलाशी देने के लिए कहा गया, जिससे पूरे पुजारी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंची है।
ब्राह्मण समाज ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन किसी भी कार्रवाई के दौरान धार्मिक पद पर आसीन पुजारियों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
वहीं, मंदिर प्रशासन और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जांच प्रक्रिया अपनाई गई थी। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर सुरक्षा जांच की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी समुदाय या व्यक्ति विशेष का अपमान करना उद्देश्य नहीं था।
मामले को लेकर धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत पर है। प्रशासन की कोशिश है कि विवाद को संवाद के जरिए सुलझाया जाए और मंदिर की व्यवस्थाएं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित होती रहें।