हल्द्वानी , 23 जुलाई 2026 । उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निर्माण कार्य के दौरान शटरिंग खोलने के लिए उतरे एक महिला और उसके दो बेटों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमों ने बचाव अभियान चलाया, लेकिन तीनों को बचाया नहीं जा सका।
इस हादसे में 65 वर्षीय सरस्वती देवी, उनके बड़े बेटे धर्मेंद्र बिष्ट (38) और छोटे बेटे खुशाल बिष्ट की दर्दनाक मौत हो गई। पड़ोसी और स्थानीय लोग तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र बिष्ट प्लंबिंग और खुशाल इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के छोटे बच्चे हैं। उनके परिवार के सामने अब आजीविका का संकट पैदा हो गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन जगह पर शटरिंग खोलने के लिए तीनों लोग अंदर गए थे। आशंका जताई जा रही है कि बंद स्थान में जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। काफी प्रयासों के बाद तीनों को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंद और कम वेंटिलेशन वाले स्थानों पर उतरने से पहले सुरक्षा उपकरणों और गैस की जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे स्थानों पर लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।