पटना, 22 जुलाई 2026 । बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोलर लाइट योजना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा के एक विधायक के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। सत्तापक्ष के विधायक ने योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और विभिन्न पंचायतों में सोलर लाइटों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
पूर्व मंत्री श्याम रजक ने उठाया सवाल
बिहार विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन पूर्व मंत्री श्याम रजक ने सरकार पर आरोप लगाया कि लक्ष्य के विरुद्ध 97 प्रतिशत सोलर लाइट लगे हैं। उनमें भी 70 प्रतिशत बुझे हुए हैं। हालांकि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब में कहा कि ऐसी बात नहीं है। कुछ सोलर लाइट के बारे में सूचना मिली है उसे देखने के लिए निर्देश दिया गया है। साथ ही सदन को पंचायती राज मंत्री ने आश्वस्त किया कि कोई ठेकेदार भागा नहीं है। बाद में व्यवस्था के लिए 30 प्रतिशत राशि सुरक्षित रखी जाती है।
- अपने ही विधायकों से घिर गए मंत्री दीपक प्रकाश।
- सोलर लाइट की खराबी पर घिरी सम्राट चौधरी सरकार।
- विधायक जीवेश मिश्रा ने दे दी मंत्री दीपक प्रकाश को चुनौती।
- कहा- मेरे साथ चल कर देखें, कितनी सोलर लाइट बुझी हुई।
विधायक ने सदन में कहा कि कई क्षेत्रों में सोलर लाइटें या तो खराब पड़ी हैं या फिर निर्धारित स्थानों पर अब तक नहीं लगाई गई हैं। उन्होंने योजना के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं और रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। साथ ही सरकार से मांग की कि पूरे मामले की समीक्षा कर दोषी एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जवाब में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि जहां भी सोलर लाइटों से संबंधित शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सदन में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक भी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा सरकार से जवाब मांगना इस बात का संकेत है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सदन के भीतर भी गंभीर चर्चा हो रही है।
अजीत सिंह ने सीधे तौर पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को ही चुनौती दे दी
‘मेरे क्षेत्र में चल कर देखा जाए, कितनी सोलर लाइट बुझी हुई है।’ पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि ‘विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर प्रेम कुमार से विधायकों की एक टीम बना कर सोलर लाइट की सत्यता की जांच कर ले। मैं चुनौती देता हूं कि काफी सोलर लाइट नहीं जल रही है। पूर्व मंत्री अजीत सिंह ने भी कहा कि ‘मेरे क्षेत्र में गरीबों की बस्तियों में सोलर लाइट नहीं जल रही है।’