नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026 । दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का बड़ा जनसमूह विभिन्न मुद्दों को लेकर एकत्रित हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने “हम किसी पार्टी से नहीं, इस देश से हैं” का नारा देते हुए अपने आंदोलन को राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए इसे छात्रों और युवाओं की आवाज करार दिया। प्रदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और शिक्षा, रोजगार, पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जनपथ चौराहे की रेड लाइट में चलता ट्रैफिक देख कन्फ्यूजन में थी। चारों ओर से नारे लगाती भीड़ पहुंच रही थी। भीड़ से ऑटो निकला, तो ड्राइवर बोला, अरे! ये सब ‘कॉकरोच’ हैं, जंतर मंतर में कुछ बड़ा होने वाला है। इस भीड़ में शामिल हैदरपुर से आई डीयू स्टूडेंट शैफाली ने कहा, जेन जी मैल्टडाउन फेज में है, हमें बदलाव चाहिए। जिस तरह से सोनम वांगचुक को पुलिस ले गई, हद पार कर दी है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों और सार्वजनिक हित के मुद्दों पर सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करना है। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और नीतिगत सुधारों के माध्यम से होना चाहिए, ताकि शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
लाठी के निशान और टूटते सपने
नैनीताल से दोस्त के साथ पहुंचे जयराज जोशी अपनी पीठ दिखाते हैं, लाठी का निशान गहरा है। कहते हैं, मैं बैरिकेडिंग नहीं तोड़ रहा था। पुलिस वाले भागते हुए आए, सब भागे तो मेरा मोबाइल गिर गया। फिर एक पुलिस वाला लगातार मुझे मारता रहा। छत्तीसगढ़ से आए सुमित पूछते हैं, संसद कितनी दूर है? मुझे दिल्ली का कुछ नहीं पता। दो दिन पहले घर से ट्रेन से निकला हूं। घरवालों ने कहा – लाठी-वाठी पड़ेगी, मर-वर ना जाना! मैंने कहा, वैसे ही मर रहे हैं, ना आर्मी में जा पाए, अब ना नौकरी है। ‘अग्निवीर’ जब से आई, तब से जिंदगी का मोटिव ही चला गया।
जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की अपील की।
छात्र नेताओं का कहना था कि देश का युवा केवल अपने भविष्य की चिंता नहीं कर रहा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जैसे व्यापक मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को सार्वजनिक किया तथा सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की।