चंडीगढ़, 18 जुलाई 2026 । चंडीगढ़ में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की मंच पर हुई मुलाकात राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मनीष तिवारी से हाथ मिलाया और दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत भी हुई। इस दृश्य के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ की रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद मनीष तिवारी से बड़ी गर्मजोशी के साथ मिले। पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच मची खींचतान के बीच मनीष तिवारी से हाथ मिलाया और बातचीत की। मनीष तिवारी काफी मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। मनीष तिवारी चंडीगढ़ से सांसद हैं, इसलिए शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के तौर वह कार्यक्रम में गए थे, लेकिन पीएम मोदी ने उनसे गुफ्तगू करके राजनीति को गरमा दिया। पीएम मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई है।
ऑपरेशन सिंदूर के डेलीगेशन में थे तिवारी
दरअसल मनीष तिवारी कांग्रेस में अपनी उपेक्षा से नाराज हैं, वे सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने जब हिंदी की एक कहावत के जरिए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाया था कि ‘है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे’। इसका आशय था कि प्रतिभा संपन्न व्यक्ति को कई बार पार्टी में कमी की तरह देखा जाता है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पिछले 45 सालों में बहुत कुछ दिया है। इसके उलट मनीष तिवारी को केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के डेलीगेशन में शामिल किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच शिष्टाचारपूर्ण मुलाकातें असामान्य नहीं होतीं। इसके बावजूद, मौजूदा राजनीतिक माहौल और आगामी चुनावों को देखते हुए इस मुलाकात को लेकर विभिन्न तरह की राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल इस मुलाकात को लेकर किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम या रणनीतिक बदलाव की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे लेकर लगाए जा रहे सभी दावों और अटकलों को आधिकारिक बयान आने तक सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।