कौन हैं IPS सरिता डोबाल? उत्तरकाशी की पहली महिला एसपी,

आपदा प्रबंधन से लेकर कानून-व्यवस्था तक बनाई अलग पहचान

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देहरादून, 18  जुलाई 2026 । IPS अधिकारी सरिता डोबाल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की पहली महिला पुलिस अधीक्षक (SP) हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाकर अलग पहचान बनाई। विशेष रूप से धराली आपदा के दौरान उनके नेतृत्व में पुलिस, SDRF और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिसकी व्यापक सराहना हुई।

धराली आपदा उनके कार्यकाल में सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन अपने पुलिस सेवा के अनुभव और काम के आधार पर उन्होंने इस सबसे बड़े रेस्क्यू को बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभाया। इसके साथ ही उत्तरकाशी में हुए मस्जिद विवाद को भी उन्होंने समन्वय बनाकर दोनों पक्षों से बात कर हल निकाला।

शानदार सेवा रिकॉर्ड

वर्ष 2024 के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरिता डोबाल को उनके शानदार सेवा रिकॉर्ड के लिए भारत सरकार की ओर से प्रतिष्ठित मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किया गया। जो कि पुलिस विभाग में विशिष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले चुनिंदा अधिकारियों को ही दिया जाता है। सरिता को उनके विशिष्ट कामों के लिए मुख्यमंत्री पदक भी दिया जा चुका है।

धराली क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव अभियानों की लगातार निगरानी की। पुलिस टीमों को प्रभावित इलाकों में तेजी से तैनात किया गया, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, यातायात नियंत्रित करने और राहत एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संकट के समय उनकी सक्रिय मौजूदगी और त्वरित निर्णय क्षमता की काफी सराहना हुई।

उत्तरकाशी की पहली महिला एसपी के रूप में सरिता डोबाल की नियुक्ति को राज्य पुलिस में महिला नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और जनसंपर्क पर जोर देने वाली उनकी कार्यशैली ने उन्हें उत्तराखंड पुलिस के प्रमुख अधिकारियों में शामिल किया है।

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