पटना, 15 जुलाई 2026 । बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी सिन्हा समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को उपचुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशांत किशोर की पार्टी को लगा बड़ा झटका
- जनसुराज पार्टी की ओर से बांकीपुर विधानसभा सीट के प्रत्याशी रह चुके बिट्टू सिंह ने बीजेपी का दामन थामा।
- कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के उम्मीदवार रहे दिग्गज नेता केसी सिन्हा ने भी बीजेपी की सदस्यता ली
- दोनों बड़े नेताओं के साथ जनसुराज पार्टी के सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ता औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए।
बांकीपुर और कुम्हरार के पूर्व प्रत्याशियों ने जॉइन की बीजेपी
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में बिट्टू सिंह और केसी सिन्हा का नाम सबसे अहम है। ये दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्रों (बांकीपुर और कुम्हरार) में जनसुराज का मुख्य चेहरा थे और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर चुके थे। इन दोनों प्रमुख चेहरों के अचानक भाजपा में चले जाने से जनसुराज का सांगठनिक ढांचा इन क्षेत्रों में कमजोर हुआ है।
भाजपा में शामिल हुए नेताओं का पार्टी पदाधिकारियों ने स्वागत किया और दावा किया कि उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी तथा आगामी उपचुनाव में भाजपा को लाभ होगा। वहीं, विपक्षी दल इस घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं और इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले नेताओं का दल बदलना मतदाताओं के बीच भी चर्चा का विषय बन सकता है। ऐसे समय में प्रमुख नेताओं का किसी दल को छोड़कर दूसरे दल में शामिल होना चुनावी माहौल और प्रचार अभियान पर असर डाल सकता है।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक घटनाक्रम का चुनावी परिणामों और मतदाताओं के रुझान पर कितना प्रभाव पड़ता है।