मधुबनी , 03 जुलाई 2026 । बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर से जुड़े चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने दोषी मां को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, महिला ने अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर उनके शव नदी में फेंक दिए थे। इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था और सुनवाई के बाद अदालत ने इसे गंभीर एवं दुर्लभ श्रेणी का अपराध मानते हुए कठोर फैसला सुनाया।
नापाक प्रेम की वेदी पर चढ़ गई थी दो मासूमों की जिंदगी
ये दिल दहला देने वाली घटना 10 जुलाई 2023 की है। 23 वर्षीय अनीता अपने प्रेमी जय प्रकाश मंडल के साथ दोनों मासूम बच्चों को कार में बैठाकर घर से करीब 20-22 किलोमीटर दूर बलान नदी के खाप पुल पर ले गई। वहां ममता का गला घोंटते हुए दोनों ने मिलकर चार वर्षीय मासूम प्रिंस और महज 18 महीने की दुधमुंही बच्ची सृष्टि की गर्दन मरोड़कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद महिला को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
मधुबनी जिले के झंझारपुर कोर्ट से अपने ही दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या करने वाली मां अनीता देवी (23 वर्ष) और उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल (35 वर्ष) को फांसी की सजा सुनाई। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) अभिषेक रंजन की अदालत ने इस जघन्य अपराध को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ की श्रेणी में रखा। झंझारपुर कोर्ट के इतिहास में ये पहली बार है, जब किसी दोषी को मृत्युदंड की सजा दी गई।
इस मामले ने एक बार फिर बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों और पारिवारिक हिंसा से जुड़े गंभीर सवालों को सामने ला दिया है। हालांकि, भारतीय कानून के अनुसार मृत्युदंड के ऐसे मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और उच्च न्यायालय से पुष्टि जैसी कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की जाती हैं।