₹15 हजार की नौकरी, 25 लाख का प्लॉट! लवकुश मिश्रा की कथित अवैध संपत्ति पर कार्रवाई तेज,
लखनऊ/अयोध्या, 03 जुलाई 2026 । राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले के साथ जुड़ी नई-नई बातें सामने आ रही हैं। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने एक कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के एक चर्चित मामले में लवकुश मिश्रा की कथित अवैध संपत्तियों को लेकर जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, करीब ₹15 हजार मासिक वेतन होने के बावजूद लगभग ₹25 लाख मूल्य का प्लॉट खरीदे जाने के मामले की पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में कथित अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए संबंधित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जारी हो सकता है मकान ढहाने का नोटिस
प्राधिकरण ने सुप्रिया मिश्रा को दिए गए नोटिस में कहा है कि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए? उनसे 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि वे निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देती हैं तो प्राधिकरण उनका निर्माणाधीन मकान गिराने के लिए नोटिस जारी करने का कदम उठा सकता है।
प्लाट 25 लाख का, रजिस्ट्री 8.8 लाख की!
अयोध्या विकास प्राधिकरण को मिली जानकारी के अनुसार, लवकुश की सैलरी 15,000 रुपये मासिक थी। उसने पिछले साल 16 अक्टूबर को अयोध्या जिले के सोहावल इलाके के बनीपुर में 1000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा था। सेल डीड में इसकी रजिस्टर्ड कीमत 8.8 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि उस इलाके में इस आकार के प्लॉट की बाजार कीमत आम तौर पर 24 लाख से 25 लाख रुपये के आसपास होती है। इससे प्लाट की वास्तविक कीमत और इसके लिए जुटाए गए पैसे के स्रोत पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, आय के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। मामले में लवकुश मिश्रा की पत्नी को भी नोटिस जारी किया गया है, ताकि संपत्ति के स्वामित्व, धन के स्रोत और अन्य संबंधित पहलुओं पर उनका पक्ष दर्ज किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति या अन्य वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।