नई दिल्ली, 03 जुलाई 2026 । सुरक्षा एजेंसियों ने देश में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सलीम नामक एक कथित हथियार तस्कर को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विभिन्न आपराधिक गिरोहों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सलीम सबसे बड़ा आर्म्स स्मगलर है। डेढ़ दशक से विदेशी हथियार ला रहा था। बुलंदशहर के खुर्जा निवासी कुर्बान अंसारी के जरिए वह सिंडिकेट से जुड़ा था। इसके बाद खुद का साम्राज्य खड़ा कर लिया। कुर्बान की कोविड-2020 में मौत हुई तो उसके बेटे शाहबाज अंसारी सिंडिकेट संभाल लिया। इस ऑर्गनाइज्ड क्राइम के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई है। पाक से हथियार कुवैत भेजते, जहां डिस्मेंटल कर स्क्रैप बता कर नेपाल भेजते, जहां असेंबल करा कर सोनौली बॉर्डर से भारत भारत लाते।
सलीम MCOCA के दो केसों में है आरोपी
- सलीम सबसे बड़ा आर्क्स स्मगलर है।
- डेढ़ दशक से विदेशी हथियार ला रहा था
- खुर्जा निवासी कुर्बान अंसारी के जरिए वह इस सिंडिकेट से जुड़ा था
- इस ऑर्गनाइज्ड क्राइम के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI है
- अफसरों का कहना है कि इस गिरोह की चेन लंबी है, जल्द होगी और गिरफ्तारियां
प्रारंभिक जांच के अनुसार, एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी के संबंध संगठित अपराध से जुड़े कुछ गैंगों, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है, तथा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित संपर्कों तक फैले हुए हैं। इन आरोपों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ के आधार पर हथियारों की सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन, सहयोगियों और संभावित अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।