बच्चे को अपनाने की सनक या कानून से खिलवाड़? फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर नाना-नानी बने माता-पिता

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गाजियाबाद, 01 जुलाई 2026 । एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बच्चे को अपने पास रखने की जिद में नाना-नानी ने कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को ही बच्चे के माता-पिता दर्शा दिया। मामला सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू हुई और कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

उनका दावा है कि जन्म प्रमाण पत्र में 70 से 75 वर्ष की उम्र के उनके ससुर मेघराज शर्मा और सास पुष्पलता शमां को बच्चे का जैविक पिता-माता दर्शाया गया है। शमी ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2015 में गेोविंदपुरम निवासी रश्मि शर्म से हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। संतान नहीं होने पर 16 मई 2020 को सिंभावली के एक प्राइवेट अस्पताल के माध्यम से नवजात को गोद लिया था। उस समय बच्चे को गोद दिलाने में उनके सास-ससुर की भी भूमिका थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चे की अभिरक्षा और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर आधिकारिक रिकॉर्ड में बदलाव करने की कोशिश की गई। आरोप है कि फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए बच्चे की कानूनी पहचान बदलने का प्रयास किया गया, जिससे भविष्य में अभिरक्षा और अन्य कानूनी अधिकारों पर भी असर पड़ सकता था।

नगर निगम से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया

राजीव के अनुसार, 26 फरवरी 2023 को कैंसर से उनकी पत्नी रश्मि शर्मा की मौत हो गई। इसके बाद सास-ससुर ने बच्चे पर अपना अधिकार जताना शुरू कर दिया। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो राजीव ने बच्चे के टीकाकरण के पेपर दिखाए, जिनमें उनका नाम पिता के रूप में दर्ज था। पुलिस ने बच्चा उन्हें सौंप दिया। बाद में मामला कोर्ट में पहुंच गया। राजीव ने बताया कि कोर्ट ने अतरिम व्यवस्था के तहत आदेश दिया कि बच्चा सप्ताह में तीन दिन उनके साथ और चार दिन नाना-नानी के साथ रहेगा। उन्हें पता चला कि 10 जुलाई 2023 को नगर निगम से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया गया। इसमे मेघराज शर्मा और पुष्पलता शर्मा को बच्चे का जैविक पिता और माता दर्शाया गया है। जनसुनवाई में राजीव ने नगर आयुक्त के सामने जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज पेश कर जांच की मांग की।

मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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