कौन हैं संगीता दोहरे? जिन पर जयंत चौधरी ने यूपी की 9 अहम सीटों की कमान सौंपी, बसपा की बढ़ सकती है चुनौती
लखनऊ, 27 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा दांव खेलते हुए दलित समाज से आने वाली वरिष्ठ महिला नेता संगीता दोहरे को राज्य की 9 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि आगामी चुनावों से पहले दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पश्चिम यूपी में आयोजित किए जाएंगे सम्मेलन
बताया जाता है कि संगीता दोहरे को ‘सामाजिक न्याय मंच’ के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सम्मेलन आयोजित करने का काम सौंपा गया है। इन सम्मेलनों के मार्फत आरएलडी दलितों सहित पाल, प्रजापति, बघेल जैसी अति पिछड़ी जातियों और मुसलमानों को एकजुट करना चाहती है। इस तरह का पहला सम्मेलन 28 जून को मेरठ के सिवालखास में आयोजित किया जाएगा। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व आरएलडी के विधायक गुलाम मोहम्मद करते हैं।
संगीता दोहरे लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं तथा दलित समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। उन्हें जिन नौ सीटों की जिम्मेदारी दी गई है, वहां संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करने और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने का दायित्व रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दलित समाज में प्रभाव रखने वाली संगीता दोहरे की सक्रिय भूमिका से राष्ट्रीय लोकदल को नए सामाजिक समीकरण बनाने में मदद मिल सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में, जहां बहुजन समाज पार्टी (BSP) का पारंपरिक जनाधार रहा है, वहां RLD अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश करेगी।
जयंत चौधरी का यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में दलित वोट बैंक हमेशा चुनावी राजनीति का केंद्र रहा है। यदि संगीता दोहरे संगठन को मजबूत करने और दलित मतदाताओं को RLD की ओर आकर्षित करने में सफल रहती हैं, तो इसका सीधा असर बसपा के वोट बैंक पर पड़ सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह कदम मायावती और उनकी पार्टी के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर सकता है।