पटना, 25 जून् 2026 । बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। नई नीति के तहत पात्र निवेशकों और औद्योगिक परियोजनाओं को मात्र ₹1 की टोकन राशि पर 30 वर्षों की लीज के लिए 40 एकड़ तक जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस कदम का उद्देश्य राज्य में उद्योगों की स्थापना को आसान बनाना और निवेशकों को आकर्षित करना है।
निवेशकों को मिलेगा टैक्स में छूट
बिहार सरकार की इस नई और व्यापक प्रोत्साहन नीति के तहत निवेशकों को न केवल सस्ती जमीन मिलेगी, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय रियायतें भी दी जाएंगी।
- भूमि खरीद पर देय निबंधन शुल्क और स्टाम्प शुल्क की शत-प्रतिशत (100%) प्रतिपूर्ति (रिफंड) की जाएगी।
- मिलों की चीनी पर अगले पांच वर्षों तक राज्य वस्तु और सेवा कर (SGST) की पूरी तरह से प्रतिपूर्ति की जाएगी।
- 5000 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रति दिन) क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना करने पर निवेशकों को पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा।
- 3500 टीसीडी क्षमता की चीनी मिल स्थापित करने पर सरकार की ओर से 70 करोड़ रुपए तक की अनुदान राशि दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। जमीन लीज पर देने की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
नई व्यवस्था के तहत भूमि का आवंटन निर्धारित पात्रता, परियोजना की प्रकृति और सरकार द्वारा तय किए गए नियमों एवं शर्तों के अनुसार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बड़े और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ नए उद्यमियों को भी राज्य में निवेश करने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य में बुनियादी औद्योगिक ढांचे का विस्तार होगा।
बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करना है। इसी दिशा में भूमि उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं के विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियों पर लगातार काम किया जा रहा है। यह पहल राज्य में आर्थिक विकास और औद्योगिकीकरण को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण कोशिश मानी जा रही है।