नई दिल्ली , 12 जून् 2026 । भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों को झटका लगा। दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद BSE Sensex में तेज बिकवाली देखने को मिली और यह अपने डे-हाई से 562 अंक गिरकर 73,833 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के अंतिम घंटों में आई कमजोरी ने बाजार की शुरुआती बढ़त को लगभग खत्म कर दिया और निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया।
बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही थी और सेंसेक्स ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार किया। बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सूचकांक दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार की दिशा बदल गई।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, ब्याज दरों को लेकर चिंताएं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार पर असर डाल रहे हैं। इसके अलावा, कुछ बड़े शेयरों में हुई बिकवाली ने भी सेंसेक्स पर दबाव बढ़ाने का काम किया। दिन के अंतिम चरण में आई तेज गिरावट से बाजार की कमजोरी साफ दिखाई दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क निवेश रणनीति अपनाने की जरूरत है। बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है और वैश्विक घटनाक्रमों का प्रभाव आगे भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी स्थिति अभी भी सकारात्मक संकेत देती है।
बाजार विशेषज्ञ अब आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेश प्रवाह, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि बाजार जल्द ही स्थिरता हासिल करेगा, लेकिन फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।