नई दिल्ली, 09 जून् 2026 । दिल्ली सरकार राजधानी में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली फायर सर्विस में परिचालन के पदों पर नियुक्त करने पर विचार कर रही है। सेना में अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए जल्द ही नए रोजगार के अवसर खुल सकते हैं। दिल्ली फायर सर्विस में पूर्व अग्निवीरों की तैनाती को लेकर तैयारी शुरू होने की खबरों ने हजारों युवाओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि इस संबंध में एक विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सोमवार को हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा समेत पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने फायर विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया।
अग्निवीरों को सैन्य सेवा के दौरान आपदा प्रबंधन, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, आपातकालीन परिस्थितियों में काम करने और नेतृत्व क्षमता जैसी विशेष ट्रेनिंग मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही कौशल उन्हें अग्निशमन और बचाव सेवाओं के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाते हैं। ऐसे में दिल्ली फायर सर्विस में उनकी नियुक्ति से विभाग को प्रशिक्षित और अनुभवी मानव संसाधन मिल सकता है।
सरकार और संबंधित विभागों द्वारा पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार को लेकर लगातार संभावनाएं तलाशने की बात कही जाती रही है। इसी दिशा में दिल्ली फायर सर्विस में तैनाती का प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह योजना लागू होती है तो बड़ी संख्या में युवाओं को सेवा के बाद सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिल सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, अग्निवीरों की प्रशिक्षण पृष्ठभूमि उन्हें आगजनी, बचाव अभियान, आपदा राहत और आपातकालीन संचालन जैसे कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाने में मदद कर सकती है। इससे दिल्ली फायर सर्विस की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल विभागीय स्तर पर प्रारंभिक विचार-विमर्श और योजना निर्माण की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में तैयार होने वाले खाके से यह स्पष्ट होगा कि पूर्व अग्निवीरों की भर्ती, चयन प्रक्रिया और सेवा शर्तों को किस प्रकार लागू किया जाएगा। इस पहल को युवाओं के लिए नए मिशन और नई जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।