नई दिल्ली, 09 जून् 2026 । सेंट्रल यूनिवर्सिटी में खुद को प्रोफेसर और CBI अधिकारी बताकर महिला वकील को शादी का झांसा देने, उससे लाखों रुपये ठगने और शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में तिमारपुर थाना पुलिस ने आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गौरी शंकर गौर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह कई युवतियों को इसी तरह अपना शिकार बना चुका है।
आरोप है कि शादी की तैयारियों, पारिवारिक जरूरतों, निवेश और अन्य आपात परिस्थितियों का हवाला देकर आरोपी ने महिला से करीब 12 लाख रुपये हासिल कर लिए। जब महिला ने बार-बार शादी की तारीख तय करने और पैसों के उपयोग के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद संदेह होने पर पीड़िता ने अपने स्तर पर जांच की, जिसमें आरोपी की पहचान और दावों पर सवाल खड़े हुए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा बैंक लेन-देन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। रविवार को उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि जांच में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
मैरिज साइट से हुई मुलाकात
- जानकारी के मुताबिक पीड़िता पेशे से अधिवक्ता है और तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस करती है।
- उनकी मुलाकात मई 2025 में एक मैरिज वेबसाइट के जरिए आरोपी से हुई थी।
- आरोपी ने खुद को एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बताया और दावा किया कि उसकी पहली पत्नी की कोविड काल में मृत्यु हो चुकी है और उसकी कोई संतान नहीं है।
- जून 2025 में वह पीड़िता के पैतृक घर भी गया और परिवार का विश्वास जीत लिया।
- बाद में उसने ग्रेटर नोएडा स्थित अपना फ्लैट दिखाया और कई शहरों में कोचिंग संस्थान चलाने का दावा किया। 20 जुलाई 2025 को दोनों की सगाई भी हुई।
आरोप है कि शादी की तैयारियों, पारिवारिक जरूरतों, निवेश और अन्य आपात परिस्थितियों का हवाला देकर आरोपी ने महिला से करीब 12 लाख रुपये हासिल कर लिए। जब महिला ने बार-बार शादी की तारीख तय करने और पैसों के उपयोग के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद संदेह होने पर पीड़िता ने अपने स्तर पर जांच की, जिसमें आरोपी की पहचान और दावों पर सवाल खड़े हुए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा बैंक लेन-देन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं।
यह घटना ऑनलाइन और व्यक्तिगत संबंधों में बढ़ते साइबर एवं भावनात्मक धोखाधड़ी के मामलों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान, नौकरी और व्यक्तिगत दावों की पुष्टि किए बिना आर्थिक लेन-देन करने से बचना चाहिए। साथ ही संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।