UKSSSC परीक्षा को लेकर फर्जी पत्र वायरल, आयोग ने दी सफाई, अभ्यर्थियों से सतर्क रहने की अपील

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देहरादून , 08 जून्‌ 2026 । उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) से जुड़ा एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। वायरल दस्तावेज में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी होने का दावा किया गया था, लेकिन आयोग ने इसे फर्जी बताते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पत्र आधिकारिक नहीं है और इसका UKSSSC से कोई संबंध नहीं है।

मामला सामने आते ही UKSSSC ने इसका संज्ञान लिया है और इसे पूरी तरह फर्जी बताते हुए युवाओं से सतर्क रहने की अपील की है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी भर्ती या परीक्षा से जुड़ी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से अवश्य करें।

वायरल पत्र में जानकारी गलत

वायरल पत्र में दावा किया गया कि विशेष तकनीकी अर्हता के विभिन्न पदों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी। इसके अलावा स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा की तारीख 4 सितंबर 2026 दर्शाई गई। UKSSSC ने इस पत्र का फर्जी करार दिया है। आयोग के आधिकारिक परीक्षा कार्यक्रम से स्पष्ट है कि वायरल पत्र में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है।

आयोग के अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न मैसेजिंग ग्रुप्स पर प्रसारित किए जा रहे दस्तावेज की जांच की गई, जिसमें कई तथ्यात्मक और प्रक्रियागत विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद आयोग ने आधिकारिक रूप से बयान जारी कर अभ्यर्थियों को ऐसे भ्रामक संदेशों और फर्जी दस्तावेजों से सावधान रहने की सलाह दी है।

UKSSSC ने कहा है कि परीक्षा, परिणाम, भर्ती प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं से संबंधित सभी आधिकारिक जानकारी केवल आयोग के अधिकृत माध्यमों के जरिए ही जारी की जाती है। अभ्यर्थियों को किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आयोग की आधिकारिक घोषणा से करने की सलाह दी गई है।

आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि फर्जी पत्र तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत सूचना फैलाने का मामला सामने आता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना के बाद हजारों अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी सूचना का सीधा असर उनकी तैयारी और भविष्य की योजनाओं पर पड़ता है। आयोग ने दोबारा स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को सत्यापित किए बिना साझा न करें।

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