25 वर्ष की उम्र में मातृभूमि पर न्योछावर हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर, अंतिम विदाई में नम हुई पूरे अल्मोड़ा की आंखें

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अल्मोड़ा , 08 जून्‌ 2026 । उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब भारतीय सेना के युवा अधिकारी जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य अभियान के दौरान शहीद हुए 05 असम रेजिमेंट के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अंतिम विदाई दी गई। महज 25 वर्ष की उम्र में देश सेवा के दौरान शहीद हुए इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल रहा, जबकि अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी।

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर की शहादत की खबर मिलते ही परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के जवान पहुंचे। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया और जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।

स्थानीय लोगों ने कहा कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और अपनी मेहनत व लगन के बल पर भारतीय सेना में अधिकारी बने थे। उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को गर्व का अवसर दिया है, लेकिन एक होनहार बेटे को खोने का दुख भी उतना ही गहरा है।

अंतिम यात्रा के दौरान अल्मोड़ा की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि देते नजर आए। कई लोगों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें अंतिम प्रणाम किया। परिवार के सदस्यों का दर्द देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर की शहादत ने एक बार फिर देश के उन जवानों के बलिदान की याद दिलाई है, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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