चंडीगढ़, 05 जून् 2026 । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर की गई भविष्यवाणी सच साबित हुई है। पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, लेकिन केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम उसमें शामिल नहीं है। उनकी जगह भाजपा ने वरिष्ठ नेता तरुण चुघ को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
रवनीत सिंह बिट्टू को लंबे समय तक पंजाब में बीजेपी के प्रमुख सिख नेताओं में गिना जाता रहा है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद थी कि उनकी मौजूदगी से पंजाब में बीजेपी को राजनीतिक लाभ मिलेगा और सिख समुदाय में उसकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। पिछले वर्ष जब बाढ़ राहत कार्यों के लिए केंद्र की टीम पंजाब पहुंची थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख नेताओं में बिट्टू शामिल थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भाजपा की पंजाब रणनीति से जुड़ा हो सकता है। हाल ही में बिट्टू ने भी संकेत दिया था कि लगभग 17 वर्षों तक संसद में रहने के बाद अब उनकी इच्छा पंजाब की सक्रिय राजनीति में लौटने और विधानसभा चुनाव लड़ने की है। उन्होंने कहा था कि वह राज्य स्तर पर काम करना चाहते हैं और पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। भाजपा के इस निर्णय के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पार्टी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए रवनीत बिट्टू को राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका दे सकती है। वहीं कुछ राजनीतिक हलकों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, क्योंकि बिट्टू के साथ केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को भी राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में जगह नहीं मिली।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि रवनीत बिट्टू का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल समाप्ति की ओर है और भाजपा ने उन्हें नया कार्यकाल नहीं देने का फैसला किया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी उन्हें पंजाब की राजनीति में कौन-सी नई जिम्मेदारी सौंपती है और 2027 चुनावों में उनकी भूमिका क्या रहती है।