तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, 02 जून् 2026 । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि ट्रम्प ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हिंसा और संघर्ष की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है, वहीं इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान पर हमले के बाद ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर इजराइली कार्रवाई जारी रही तो वह अमेरिका के साथ चल रही बातचीत छोड़ सकता है। इससे नाराज ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन किया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रम्प खास तौर पर इस बात से परेशान थे कि लेबनान में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं और एक हिजबुल्लाह कमांडर को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारतें गिराई जा रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पहले से ही अस्थिर हालात को और जटिल बना सकती हैं। मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिशों के बीच किसी भी बड़े सैन्य अभियान का असर व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। इसी वजह से इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
लेबनान और इजराइल के बीच सीमा क्षेत्र लंबे समय से तनाव का केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में दोनों पक्षों के बीच कई बार सैन्य गतिविधियां और जवाबी कार्रवाई देखने को मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लगातार बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका समेत कई देशों की कोशिश है कि संघर्ष को और अधिक बढ़ने से रोका जाए और संवाद के जरिए समाधान तलाशा जाए। हालांकि जमीन पर हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, यह आने वाले दिनों की घटनाओं पर निर्भर करेगा।
फिलहाल लेबनान पर इजराइली कार्रवाई और उस पर ट्रम्प की कथित नाराजगी को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस जारी है। दुनिया की नजर अब मध्य पूर्व की स्थिति और संबंधित देशों की आगामी रणनीतियों पर टिकी हुई है।