‘अगर कोई नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा तो…’ छुरेबाजी पर बोले सीएम योगी, उधर असद के घर नोटिस चस्पा
बिजनौर , 01 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा में सूर्या की हत्या पर हाल ही में सामने आई छुरेबाजी की घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपराध में शामिल युवाओं और उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई परिवार अपनी संतानों को सही दिशा नहीं दे पा रहा है और वे अपराध के रास्ते पर जा रहे हैं, तो इसके सामाजिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सीएम योगी ने कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी ये स्वीकार्य नहीं है। और कतई स्वीकार नहीं होगा, अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, तो समझो वो गलती कर रहा है। याद रखना हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति हैं।
बिजनौर जिले में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिना भेदभाव के केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सभी वर्गों के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। सीएम योगी ने आगे कहा कि हम सबको ध्यान में रखना होगा कि अहिंसा और मानवता समाज के आभूषण हैं, लेकिन सामने खर-दूषण होगा, तो शस्त्र उठाना होगा। सभी को कानून व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए और किसी को भी नियमों से ऊपर खुद को नहीं समझना चाहिए।
असद का पुलिस कर चुकी है एनकाउंटर
बता दें कि 28 मई को बकरीद के दिन 17 साल के सूर्या की हत्या उसके दोस्त असद और अन्य ने की थी। इस मामले में पुलिस ने रविवार को असद का एनकाउंटर कर दिया है। साथ ही असद के खोड़ा इलाके में बने मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। अगर जांच में मकान में अवैध निर्माण पाया जाता है तो बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है। वहीं, अन्य आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों, अभिभावकों की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समाज की सकारात्मक भागीदारी भी जरूरी है। वहीं, विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भी इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज सर्वोच्च है और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना ही नहीं, बल्कि समाज में कानून के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करना है।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटा हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री के बयान ने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारी के मुद्दे को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।