बिहार के इस जिले में रोजगार की नई रोशनी, बिजली परियोजना से हजारों युवाओं को मिलेगा काम
औरंगाबाद , 20 मई 2026 । बिहार के औरंगाबाद स्थित नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े बिजली केंद्रों में शामिल होने जा रहा है। NTPC ने ऐलान किया है कि परियोजना के स्टेज-2 का निर्माण तेजी से चल रहा है और वर्ष 2029-30 तक इसकी कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 4380 मेगावाट हो जाएगी। इसके साथ ही नबीनगर NTPC देश की दूसरी सबसे बड़ी ताप विद्युत परियोजना बन जाएगी।
जानकारी के अनुसार परियोजना के तहत बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, रखरखाव और निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा परिवहन, छोटे व्यापार, तकनीकी सेवाओं और स्थानीय बाजारों को भी इससे लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि परियोजना शुरू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। खासकर तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए यह बड़ी संभावना मानी जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।
परियोजना प्रमुख एलके बेहेरा ने बताया कि स्टेज-2 के तहत 800-800 मेगावाट की तीन नई यूनिटें लगाई जा रही हैं। पहली यूनिट मार्च 2029, दूसरी सितंबर 2029 और तीसरी मार्च 2030 तक बिजली उत्पादन शुरू कर देगी। खास बात यह है कि इन नई इकाइयों से बनने वाली 2400 मेगावाट बिजली में से 1500 मेगावाट अकेले बिहार को मिलेगा। फिलहाल नबीनगर परियोजना बिहार की कुल बिजली जरूरत का 25 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरा कर रही है और करीब 1600 मेगावाट बिजली राज्य को दे रही है।
स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अब अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिल सकेंगे, जिससे पलायन में भी कमी आ सकती है।
बिहार में औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र की नई परियोजनाओं को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो इससे क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।