नई दिल्ली/कोलकाता, 30 अप्रैल 2026 । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये एग्जिट पोल Bharatiya Janata Party के इशारे पर दिखाए गए हैं और इनका उद्देश्य जनता की धारणा को प्रभावित करना है।
ममता ने कहा एग्जिट पोल भाजपा के इशारे पर दिखाए गए, ताकि TMC कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने चुनाव के दौरान भाजपा के एजेंट की तरह काम किया।
बंगाल की सभी 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में रिकॉर्ड 92.84% वोटिंग हुई। बंगाल के अलावा तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरलम, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। 4 मई को सभी राज्यों के चुनाव परिणाम आएंगे।
पांचों राज्यों में चुनाव के एग्जिट पोल बुधवार शाम को जारी हुए। बंगाल के 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा, 2 में TMC सरकार का अनुमान जताया गया है। तमिलनाडु के 9 एग्जिट पोल में 6 में DMK+ की वापसी की संभावना जताई गई है।
ममता बनर्जी ने कहा कि एग्जिट पोल अक्सर वास्तविक नतीजों से मेल नहीं खाते और कई बार इन्हें राजनीतिक एजेंडे के तहत पेश किया जाता है। उनका दावा है कि इस तरह के सर्वेक्षण मतदाताओं के मन में भ्रम पैदा कर सकते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे एग्जिट पोल के बजाय अंतिम परिणामों का इंतजार करें और किसी भी तरह के “प्रचार” से प्रभावित न हों। ममता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत समर्थन मिल रहा है, जो चुनाव परिणामों में साफ दिखाई देगा।
वहीं, Bharatiya Janata Party ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि एग्जिट पोल स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा किए जाते हैं और उनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं होता। पार्टी का कहना है कि विपक्ष हार के डर से इस तरह के बयान दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में एग्जिट पोल को लेकर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन असली तस्वीर चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होती है।