किसानों का सख्त रुख—भारतीय किसान यूनियन ने जननायक जनता पार्टी से बनाई दूरी, कहा- “जरूरत के वक्त नहीं मिला साथ”
करनाल , 29 अप्रैल 2026 । हरियाणा की राजनीति में किसान संगठनों ने एक बार फिर अपनी स्वतंत्र स्थिति स्पष्ट कर दी है। Bharatiya Kisan Union (BKU) के प्रदेश अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा है कि वे Jannayak Janata Party (JJP) को समर्थन नहीं देंगे। उनका कहना है कि जब किसानों को सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस समय पार्टी ने साथ नहीं दिया।
रत्न मान ने आगे कहा हमे बहुत जख्म दिए हैं। हमको बीमारी बताया गया। दुष्यंत चौटाला के पिता ने कहा ये किसान आंदोलन एक बीमारी है। हम कहते हैं इस बीमारी से दूर रहो, इस बीमारी से क्यो समर्थन मांगने आते हो। इस बीमारी से दूर रहना चाहिए।
बीकेयू नेता ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक दलों ने किसानों के मुद्दों पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया, जिससे किसानों में असंतोष पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि अब चुनाव के समय समर्थन मांगना उचित नहीं है, क्योंकि विश्वास पहले ही कमजोर हो चुका है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विभिन्न दल किसान संगठनों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन बीकेयू ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका संगठन किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं आएगा और केवल किसानों के हितों को प्राथमिकता देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसान संगठनों का यह रुख आगामी चुनावों पर असर डाल सकता है, क्योंकि हरियाणा जैसे राज्य में किसानों का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। JJP के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, खासकर तब जब उसे ग्रामीण वोट बैंक की जरूरत है।
वहीं, अन्य किसान संगठनों की प्रतिक्रिया भी इस मुद्दे पर अहम मानी जा रही है। अगर वे भी इसी तरह का रुख अपनाते हैं, तो यह क्षेत्रीय राजनीति की दिशा को बदल सकता है।