2027 की तैयारी तेज: बसपा के पुराने चेहरों के सहारे PDA मजबूत करने में जुटी सपा
लखनऊ, 27 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (समाजवादी पार्टी) अब अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को और मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक कदम उठा रही है।
सपा के एक सांसद ने बताया कि पार्टी का मानना है कि बी आर अंबेडकर और कांशी राम की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बसपा के पुराने नेताओं को साथ लाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से सपा लगातार ऐसे चेहरों को जोड़ रही है, जो कभी बसपा की जमीनी ताकत रहे हैं और सामाजिक समीकरणों की गहरी समझ रखते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सपा बहुजन समाज पार्टी (बहुजन समाज पार्टी) के पुराने और प्रभावशाली चेहरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है। इसका उद्देश्य दलित वोट बैंक में पकड़ मजबूत करना और व्यापक सामाजिक गठजोड़ तैयार करना है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि PDA रणनीति के जरिए विभिन्न सामाजिक वर्गों को एक मंच पर लाकर चुनावी बढ़त हासिल की जा सकती है। इसके लिए जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय किया जा रहा है और नए-पुराने नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम सपा के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, खासकर तब जब वह विभिन्न वर्गों के वोटों को एकजुट करने में सफल होती है।
वहीं, अन्य दल भी अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं, जिससे आने वाले चुनावों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।