रुद्रप्रयाग, 18 अप्रैल 2026 । हरियाणा के Kyarak Barsudi गांव में सामाजिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए पंचायत ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। गांव में शराब सेवन पर पूर्ण रोक लगाते हुए नियम तोड़ने वालों पर 21 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। ग्राम प्रधान गीता देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि शादी, पार्टी और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में शराब परोसने और गांव में बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी व्यक्ति शराब की खरीद-फरोख्त नहीं करेगा और किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शराब नहीं परोसी जाएगी।
पंचायत का कहना है कि गांव में बढ़ती सामाजिक समस्याओं—जैसे घरेलू विवाद, झगड़े और अपराध—के पीछे शराब एक बड़ी वजह बन रही थी। ऐसे में ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि शराब पर रोक लगाकर सामाजिक माहौल को बेहतर बनाया जाए। पंचायत ने साफ किया है कि नियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।
ग्रामीणों के एक वर्ग ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे गांव में शांति और अनुशासन कायम होगा, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनेगा। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इतना बड़ा जुर्माना लगाना कठोर कदम है और इससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायतों को स्थानीय स्तर पर सामाजिक नियम बनाने का अधिकार होता है, लेकिन ऐसे निर्णयों को राज्य के कानूनों के अनुरूप होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इस तरह के जुर्माने को चुनौती देना चाहे, तो वह प्रशासन या अदालत का सहारा ले सकता है।
यह फैसला ग्रामीण समाज में बदलते सामाजिक मानदंडों और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी दर्शाता है। अब यह देखना होगा कि इस नियम का पालन कितनी सख्ती से होता है और क्या इससे वास्तव में गांव के सामाजिक माहौल में सुधार आता है।