तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन , 08 जून् 2026 । ईरान और इजराइल के अप्रैल में हुए सीजफायर के करीब दो महीने के संघर्षविराम के बाद ईरान और इजराइल के बीच एक बार फिर सीधा सैन्य टकराव शुरू हो गया है। रविवार और सोमवार के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल की ओर से लेबनान में किए गए सैन्य हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर मिसाइलें दागीं। यह अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच पहला बड़ा सीधा हमला माना जा रहा है।
इसके जवाब में इजराइली सेना ने पश्चिमी और सेंट्रल ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई विस्फोट हुए। IRGC ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।
इस नए टकराव ने अप्रैल में हुए संघर्षविराम को लगभग समाप्त कर दिया है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। इराक, सीरिया और ईरान के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस पर भी असर पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि बढ़ता संघर्ष किसी संभावित शांति समझौते को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि जमीनी हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं और क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका फिर बढ़ गई है। तेल बाजार भी इस घटनाक्रम से प्रभावित हुआ है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।