दारुल उलूम देवबंद का सख्त अनुशासन—स्मार्टफोन रखने पर निष्कासन की चेतावनी से मचा विवाद
सहारनपुर , 18 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश स्थित प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान Darul Uloom Deoband ने नए छात्रों के लिए कड़े अनुशासनात्मक नियम लागू करते हुए बड़ा फैसला लिया है। संस्थान ने साफ कहा है कि परिसर में स्मार्टफोन रखने की अनुमति नहीं होगी, और इस नियम का उल्लंघन करने वाले छात्रों को निष्कासित किया जा सकता है। इस आदेश के तहत करीब 1500 नए छात्रों को विशेष चेतावनी जारी की गई है, जिससे शैक्षणिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई छात्र ऐसे मोबाइल के साथ पाया जाता है, चाहे उसका उपयोग कर रहा हो या नहीं, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निष्कासन भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि दारुल उलूम में पिछले कई वर्षों से एंड्रॉयड और अन्य मल्टीमीडिया मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लागू है। छात्रों को केवल साधारण कीपैड फोन रखने की अनुमति दी जाती है, ताकि शैक्षणिक वातावरण बना रहे और अनावश्यक गतिविधियों से बचा जा सके।
संस्थान का तर्क है कि स्मार्टफोन छात्रों का ध्यान भटकाते हैं और पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के माहौल को प्रभावित करते हैं। उनका मानना है कि डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से पढ़ाई में एकाग्रता कम होती है और अनुशासन में गिरावट आती है। इसलिए, शिक्षा के मूल उद्देश्यों को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
हालांकि, इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे संस्थान की आंतरिक व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने का अधिकार मानते हैं, जबकि अन्य इसे छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आधुनिक शिक्षा से दूरी बनाने वाला कदम बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में तकनीक को पूरी तरह नकारना व्यावहारिक नहीं है, बल्कि उसके संतुलित उपयोग पर जोर देना अधिक प्रभावी हो सकता है।
शिक्षा क्षेत्र के जानकार यह भी मानते हैं कि स्मार्टफोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण उपयोग की नीति अपनाई जा सकती है, जिससे छात्र आधुनिक संसाधनों का लाभ भी उठा सकें और अनुशासन भी बना रहे।
यह फैसला न केवल Deoband बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य शिक्षण संस्थान इस तरह के नियमों को अपनाते हैं या नहीं, और क्या इस फैसले में किसी तरह का संशोधन किया जाता है।