गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत का कड़ा ऐतराज, पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

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नई दिल्ली, 06 जून्‌ 2026 । पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां चुनाव कराने की पाकिस्तान की कोशिशों का कोई कानूनी आधार नहीं है। भारत ने इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। चुनाव कराने जैसी गतिविधियां वहां की जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं।

गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार को 10 जिलों की 24 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। यह भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है। हालांकि, यह पाकिस्तान के कब्जे में है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है। मंत्रालय ने दोहराया कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों पर अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है तथा उसे इन क्षेत्रों को खाली करना चाहिए। भारत की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब 7 जून 2026 को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए मतदान प्रस्तावित है। पाकिस्तान की ओर से चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, लेकिन भारत लगातार यह रुख अपनाता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या राजनीतिक गतिविधि का कोई वैध महत्व नहीं है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत ने पाकिस्तान को घेरा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने हाल ही में कहा कि जम्मू-कश्मीर “भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा” तथा पाकिस्तान के दावों को निराधार बताया।

गिलगित-बाल्टिस्तान लंबे समय से रणनीतिक और राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा वहां चुनाव कराना या प्रशासनिक बदलाव करना वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकता। वहीं, क्षेत्र में मानवाधिकार और राजनीतिक अधिकारों को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

प्रमुख बिंदु

  • गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध।
  • विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को क्षेत्र खाली करने की याद दिलाई।
  • भारत ने चुनाव प्रक्रिया को अवैध और अस्वीकार्य बताया।
  • 7 जून 2026 को प्रस्तावित हैं विधानसभा चुनाव।
  • संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख दोहराया।
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