आस्था की यात्रा बनी त्रासदी—वृंदावन नाव हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत, 5 अब भी लापता

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मथुरा,  11 अप्रैल 2026 । धार्मिक नगरी वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए आए एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य अब भी लापता हैं। हादसे के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जांच में सामने आया है कि नाविक पप्पू निषाद ने किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी थी। हादसे के बाद नाविक मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने रात 9 बजे हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच के अनुसार, नाव की क्षमता कम की थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अधिकारियों का कहना है कि यमुना का बहाव काफी तेज है, जिससे लापता लोगों के बहकर दूर जाने की आशंका है। इसके अलावा नदी की तलहटी में जमा गाद ,कीचड़ और रेत में शवों के दबे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का अनुमान है कि 24 घंटे बीतने के बाद शव फूलकर पानी की सतह पर आ सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह परिवार श्रद्धा के साथ दर्शन करने के बाद नाव के जरिए यमुना पार कर रहा था, तभी अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार बताए जा रहे हैं, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया। पानी का तेज बहाव और अफरातफरी के चलते कई लोग डूब गए।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5 लोगों की तलाश में टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और नाव संचालन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नाव में सवारियों की संख्या नियंत्रित होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इस त्रासदी को टाला जा सकता था।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है।

यह हादसा केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी चेतावनी है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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