गाजियाबाद के डासना में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध निर्माण
गाजियाबाद , 04 जून् 2026 । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध मदरसे और अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान लगभग 25 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंदार के मुताबिक, ध्वस्तीकरण का आदेश तहसीलदार न्यायालय की ओर से जारी किया गया था। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि कुल भूमि लगभग 5 हेक्टेयर की है, जिसमें से लगभग एक हेक्टेयर पर मदरसा बनाया गया था। इस भूमि का अनुमानित मूल्य 20-25 करोड़ रुपए है। यह सरकारी भूमि है। मंदार ने बताया कि फारूक नाम का एक व्यक्ति अतिक्रमण में शामिल पाया गया है और उसके खिलाफ प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज थी और लंबे समय से उस पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पहले संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया।
अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग सार्वजनिक हित और विकास परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और भूमि संरक्षण के लिए प्रशासनिक कदम का समर्थन किया है, जबकि कुछ पक्षों ने मामले के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। ऐसे में भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। डासना में हुई यह कार्रवाई प्रदेश में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियानों की श्रृंखला का हिस्सा मानी जा रही है।
आने वाले समय में प्रशासन द्वारा अन्य विवादित और अतिक्रमित सरकारी भूमि की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है। फिलहाल डासना की यह कार्रवाई गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।