प्रवासी मजदूरों को राहत—केंद्र ने 5 किलो ‘छोटू’ LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी की, सस्ती रसोई की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली, 07 अप्रैल 2026 । प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने 5 किलो वाले ‘छोटू’ LPG सिलेंडर की सप्लाई को दोगुना करने का ऐलान किया है, जिससे छोटे परिवारों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को सस्ती और आसान रसोई सुविधा मिल सकेगी।
यह कदम खासतौर पर उन मजदूरों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो शहरों में किराए के छोटे कमरों या अस्थायी ठिकानों पर रहते हैं और बड़े सिलेंडर (14.2 किलो) का खर्च वहन नहीं कर पाते। 5 किलो का सिलेंडर न सिर्फ सस्ता होता है, बल्कि इसे ले जाना और इस्तेमाल करना भी आसान होता है।
इस फैसले से 5 किलो वाले सिलेंडरों की दैनिक बिक्री 1 लाख यूनिट से ऊपर पहुंचने की उम्मीद है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के पास उपलब्ध होंगे जो तेल कंपनियों (OMCs) की मदद से सीधे मजदूरों तक पहुंचाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से शहरी गरीब, प्रवासी श्रमिक और छोटे परिवारों को काफी राहत मिलेगी। इससे उन्हें बार-बार महंगा सिलेंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और घरेलू बजट पर भी दबाव कम होगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने से स्वच्छ ईंधन (clean fuel) को बढ़ावा मिलेगा और लोग लकड़ी, कोयला या अन्य प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों पर निर्भरता कम करेंगे। इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
इसके अलावा, यह कदम सरकार की उन योजनाओं के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ और सुलभ ईंधन पहुंचाना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में LPG की पहुंच बढ़ाने के लिए इस तरह के छोटे सिलेंडर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सप्लाई बढ़ाने के साथ-साथ वितरण प्रणाली को मजबूत करना और कीमतों को नियंत्रित रखना भी जरूरी होगा, ताकि इस योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।