पलवल, 02 अप्रैल 2026 । हरियाणा में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े खुफिया नेटवर्क का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर 2017 से सक्रिय था और जिसके तार पाकिस्तान से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के तहत Palwal और Nuh से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। इस मामले की जांच के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया विभाग की एक टीम पलवल पहुंची है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क संवेदनशील सूचनाएं जुटाकर सीमा पार भेजने में लगा हुआ था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क में रहते थे और धीरे-धीरे एक संगठित तंत्र के रूप में काम कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होते हैं, क्योंकि ये सैन्य और रणनीतिक जानकारी लीक कर सकते हैं। यही वजह है कि इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं।
इस खुलासे के बाद हरियाणा समेत आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया विभाग लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि देश के भीतर सक्रिय ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और समय-समय पर बड़ी सफलता हासिल कर रही हैं।