CM युवा योजना का असर: यूपी में बदल रही सोच, नौकरी तलाशने से नौकरी देने तक का सफर
उत्तर प्रदेश , 02 अप्रैल 2026 । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में चलाई जा रही ‘CM युवा योजना’ ने युवाओं के बीच नई ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की भावना पैदा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनाना है—और अब इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।
इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने 4 लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। जब युवा उद्यमिता की ओर बढ़ते हैं, तो स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं, जिससे समग्र विकास को गति मिलती है। खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह बदलाव ज्यादा स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से दी जा रही ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स ने युवाओं को आत्मविश्वास दिया है। इसके साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए युवा अपने उत्पाद और सेवाओं को बड़े बाजार तक पहुंचाने में भी सफल हो रहे हैं।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि योजना की सफलता को और बढ़ाने के लिए फंडिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना, मेंटरशिप नेटवर्क को मजबूत करना और बाजार तक पहुंच को आसान बनाना जरूरी है।
कुल मिलाकर, ‘CM युवा योजना’ उत्तर प्रदेश में रोजगार के पारंपरिक मॉडल को बदलते हुए एक नई दिशा दे रही है, जहां युवा अब केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खुद अवसर पैदा कर रहे हैं।