हरियाणा , 07 अक्टूबर 2026 । हरियाणा सरकार ने चिरायु आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसका दायरा और बढ़ा दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के सभी आय वर्ग के परिवार योजना से जुड़ सकेंगे। परिवार की फैमिली आईडी में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर प्रीमियम तय होगा और पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
इस विस्तार से उन परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का विकल्प मिलेगा, जो पहले आयुष्मान या चिरायु योजना की निर्धारित आय सीमा से बाहर होने के कारण इसका लाभ नहीं ले पाते थे।
पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क और कैशलेस इलाज मिलेगा। 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए 1500 रुपये, तीन से छह लाख रुपये आय वर्ग के लिए 4000 रुपये और छह लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के लिए 5000 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित किया गया है। पंजीकरण और भुगतान के लिए पोटर्ल 30 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। नई पॉलिसी की अवधि एक नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक होगी।
3 से 6 लाख रुपये आय वालों के लिए नई श्रेणी
नई व्यवस्था में 3 लाख से 6 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को भी चिरायु आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। इस श्रेणी के परिवारों को योजना का लाभ लेने के लिए 4,000 रुपये सालाना का भुगतान करना होगा।
इससे मध्यम आय वर्ग के ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का विकल्प मिलेगा, जिन्हें सामान्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की आय सीमा के कारण लाभ नहीं मिल पाता था।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी योजना में शामिल हो सकेंगे। ऐसे परिवारों के लिए सालाना योगदान 5,000 रुपये रखा गया है। बदले में परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक के उपचार का कवर मिलेगा।
इस तरह आय के अलग-अलग स्तर के लिए प्रीमियम की अलग श्रेणी बनाई गई है। इससे योजना का दायरा केवल गरीब या निम्न आय वाले परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा।
5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
चिरायु-आयुष्मान योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। योजना में अस्पताल में भर्ती, जांच, दवाइयां और सूचीबद्ध उपचार पैकेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा योजना की पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी है। पात्र लाभार्थी देश के दूसरे राज्यों में मौजूद सूचीबद्ध अस्पतालों में भी निर्धारित उपचार का लाभ ले सकते हैं। हालांकि सामान्य तौर पर OPD उपचार योजना के दायरे में नहीं आता।
फैमिली आईडी से तय होगी पात्रता
योजना के तहत पात्रता निर्धारित करने में परिवार पहचान पत्र यानी Family ID में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय महत्वपूर्ण होगी। इसलिए परिवारों को अपनी फैमिली आईडी में दर्ज आय संबंधी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है।
सरकार ने योजना के लिए पंजीकरण और भुगतान की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया है। 2026-27 की नई पॉलिसी अवधि 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक बताई गई है और पंजीकरण एवं भुगतान पोर्टल 30 नवंबर तक खुला रहेगा।
हरियाणा में आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत बड़ी संख्या में सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। हालिया जानकारी के अनुसार प्रदेश में 1,307 सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक लाखों लाभार्थी योजना के तहत उपचार करा चुके हैं और हजारों करोड़ रुपये के क्लेम का निपटारा किया जा चुका है। इससे योजना के विस्तार के बाद नए लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
चिरायु योजना का उद्देश्य क्या है?
चिरायु योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना है। महंगे अस्पताल खर्च के कारण परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने के लिए 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर की व्यवस्था की गई है।
नई व्यवस्था में सभी आय वर्गों को जोड़ने से योजना का स्वरूप और व्यापक हो गया है। अब परिवार अपनी आय के अनुसार निर्धारित वार्षिक योगदान देकर इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जुड़ सकते हैं।