चारधाम यात्रा में 56.18 लाख से ज्यादा श्रद्धालु, 2023 का रिकॉर्ड टूटा

बदरीनाथ-केदारनाथ समेत चारों धामों में बढ़ा आस्था का सैलाब

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देहरादून, 07 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने वर्ष 2026 में नया रिकॉर्ड कायम किया है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 56,18,497 के आंकड़े को पार कर गई है। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज करीब 56.13 लाख श्रद्धालुओं का पिछला रिकॉर्ड टूट गया है।

देश और विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी है। चारों धामों की यात्रा के लिए इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंचे और यात्रा प्रबंधन को लगातार मजबूत करने की जरूरत भी सामने आई।

चारधाम यात्रा के प्रति देश-दुनिया के श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। बाबा केदारनाथ, भगवान बदरीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री के दर्शन के लिए इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में यह ऐतिहासिक वृद्धि उत्तराखण्ड के प्रति बढ़ते धार्मिक पर्यटन और देशभर के श्रद्धालुओं के विश्वास को दर्शाती है।

चारधाम यात्रा के इतिहास में वर्ष 2023 बेहद खास रहा था। उस साल चारधाम और हेमकुंड साहिब सहित यात्रा में 56.13 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। 2026 में केवल चारधाम यात्रा का आंकड़ा ही 56.18 लाख के पार पहुंच गया है।

इस बढ़ोतरी से साफ है कि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण लगातार बना हुआ है। यात्रा की लोकप्रियता बढ़ने के साथ सरकार और प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की चुनौती रहती है।

यात्रा मार्गों पर सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, आवास और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और एसडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियां यात्रा संचालन में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

15 सितंबर तक ही 50.56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम और हेमकुंड साहिब क्षेत्र में दर्शन कर चुके थे। उस समय सरकार ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे।

चारधाम यात्रा में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम श्रद्धालुओं के प्रमुख आस्था केंद्र बने हुए हैं। हिमालयी क्षेत्र में स्थित इन दोनों धामों के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है।

2023 के आंकड़ों में केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 19.61 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि बदरीनाथ में 18.34 लाख, गंगोत्री में 9.05 लाख और यमुनोत्री में 7.35 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

रिकॉर्ड संख्या से बढ़ी पर्यटन गतिविधि

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या का असर केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहता। चारधाम यात्रा उत्तराखंड के होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, टैक्सी सेवा, भोजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से भी जुड़ी है। बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने से यात्रा मार्गों के आसपास स्थानीय कारोबार को भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद रहती है।

उत्तराखंड के पर्यटन विभाग की ओर से धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ विंटर और एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। 6 अक्टूबर को पर्यटन सचिव ने राज्यपाल को राज्य में चल रही पर्यटन गतिविधियों और चारधाम यात्रा की स्थिति की जानकारी दी थी।

चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड बनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा से जुड़े प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों, तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की। सरकार का कहना है कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अतिथि है और उसकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आंकड़ा उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के लिए एक नया मील का पत्थर बन गया है। 2023 का रिकॉर्ड टूटने के साथ अब आने वाले वर्षों में यात्रा प्रबंधन, यात्री सुविधाओं और सुरक्षित तीर्थाटन को और मजबूत करना अहम होगा।

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