पटना, 23 सितंबर 2026 । बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ और उसका वीडियो बनाए जाने के मामले को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को लेकर बिहार सरकार और राजनीतिक दलों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दल आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों को टिकट और राजनीतिक संरक्षण देते रहे हैं। उनके बयान में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
बलात्कारी और माफिया को टिकट देते हैं: पप्पू यादव
पप्पू यादव यहीं नहीं रुके। आगे उन्होंने कहा कि ‘ये वो लोग हैं जो सिर्फ बलात्कारी और माफिया को टिकट देते हैं। पहले अपना चाल चरित्र तो बदलें। शराब, शवाब और कवाब में सब नेता डूबे रहते हैं, पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें। तब तय करें किसे फांसी मिलनी चाहिए या नहीं? पहला फांसी नेता को मिले, जो लोग छेड़खानी करते हैं, पदाधिकारी को मिले। पहले इनको कहिए डिमांड करने और अपने घर से सफाया करने बोलिए।’
तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना
जमुई मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने भी बिहार सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ तेज कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की। तेजस्वी ने घटना को लेकर सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।
इस तरह जमुई की घटना पर पप्पू यादव और तेजस्वी यादव दोनों ने सरकार और कानून-व्यवस्था को लेकर बयान दिए हैं, हालांकि दोनों नेताओं के राजनीतिक आरोपों और उनके निशाने अलग-अलग रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
रिपोर्टों के मुताबिक, जमुई मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल होने के बाद गिरफ्तार किया। एक अन्य आरोपी हरेराम यादव के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पप्पू यादव ने मुख्य आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द मुकदमे की सुनवाई और कड़ी सजा की मांग की है।
मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस तथा अदालत की प्रक्रिया के तहत होगी। इसलिए आरोपियों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
जाति और राजनीति से ऊपर कार्रवाई की मांग
पप्पू यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि अपराधी की पहचान उसकी जाति या राजनीतिक पहचान से नहीं, बल्कि उसके अपराध से होनी चाहिए। उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ एक समान कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जमुई मामले के बाद बिहार में महिला सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दलों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं या कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर बहस तेज हुई है। आने वाले दिनों में जांच और अदालत की कार्रवाई से मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।