मायावती के पैर छूकर ईशान आनंद ने लिया आशीर्वाद
BSP की बैठक में बदली सीटिंग; नई जिम्मेदारी पर नजर
लखनऊ, 23 सितंबर 2026 । बहुजन समाज पार्टी (BSP) की आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी की अहम बैठक में मायावती के भतीजे ईशान आनंद की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित बैठक से पहले ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद बैठक में उनके बैठने की व्यवस्था में बदलाव की चर्चा भी सामने आई।
माना जा रहा है कि ईशान को फिर से नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। मायावती की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में देशभर के पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। पार्टी की अहम बैठक शुरू होते ही जमकर नारेबाजी भी हुई है। साथ ही पहली बार बसपा की बैठक में सीटिंग अरेंजमेंट भी बदला गया है।
ईशान आनंद ने मायावती से लिया आशीर्वाद
बसपा की बैठक शुरू होने से पहले ईशान आनंद मायावती के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी संगठन में ईशान की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, केवल इस मुलाकात या बैठक में सीटिंग व्यवस्था को किसी पद की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में ईशान आनंद को पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर चर्चा है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
बैठक में बदली सीटिंग अरेंजमेंट
लखनऊ स्थित बसपा मुख्यालय में हुई बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। रिपोर्टों में बैठक के दौरान ईशान आनंद की सीटिंग व्यवस्था में बदलाव का भी उल्लेख है।
इस बदलाव को लेकर पार्टी के भीतर ईशान की संभावित नई भूमिका से जोड़कर चर्चा हो रही है। हालांकि, सीटिंग अरेंजमेंट अपने आप में किसी औपचारिक संगठनात्मक पद की पुष्टि नहीं करता।
पहले भी मिल चुकी है संगठन की जिम्मेदारी
ईशान आनंद को इससे पहले सितंबर 2026 में बसपा का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें करीब 15 राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी और वह अपने पिता आनंद कुमार को रिपोर्ट करने वाले थे। हालांकि, बाद में इस जिम्मेदारी में बदलाव किया गया।
अब 23 सितंबर की बैठक से पहले उनके नाम को फिर से पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चर्चा में बताया जा रहा है।
आकाश आनंद की भूमिका में बदलाव के बाद बढ़ी चर्चा
ईशान आनंद के नाम पर चर्चा ऐसे समय हो रही है जब मायावती ने अपने दूसरे भतीजे आकाश आनंद की पार्टी भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आनंद कुमार के परिवार से आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
मायावती ने यह भी कहा था कि यदि ईशान आनंद भविष्य में पार्टी विरोधी गंभीर गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने परिवार के बजाय पार्टी के प्रति निष्ठा और संगठनात्मक अनुशासन पर जोर दिया था।
बसपा की 23 सितंबर की बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां और संगठन को मजबूत करना है। बैठक में उत्तर प्रदेश के साथ अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। उम्मीदवारों के चयन, संगठन की स्थिति और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होने की रिपोर्ट है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में बसपा नेतृत्व की संगठनात्मक बैठकों को चुनावी तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
क्या ईशान आनंद को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
ईशान आनंद को लेकर सबसे बड़ा सवाल उनकी नई संगठनात्मक भूमिका का है। हालिया बयानों और बैठक से पहले सामने आए घटनाक्रम के बाद उन्हें पार्टी में आगे बढ़ाए जाने की चर्चा जरूर है, लेकिन कौन-सा पद या जिम्मेदारी दी जाएगी, यह आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
इसलिए फिलहाल ईशान आनंद की संभावित भूमिका को लेकर सामने आ रही जानकारी को पार्टी के भीतर चल रही चर्चा के तौर पर देखना उचित होगा, न कि अंतिम नियुक्ति के रूप में।