बिहार MLC चुनाव में अनंत सिंह-नीरज की तकरार से बढ़ी हलचल

महागठबंधन में भी सीटों पर खींचतान ,PK की एंट्री ने मुकाबला बनाया दिलचस्प

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पटना, 23  सितंबर 2026 । बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक सीट को लेकर है, जहां जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने खुलकर विरोध का रुख अपनाया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन के भीतर सीटों और उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग स्तर पर मतभेद सामने आए हैं। इसी बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी कई सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है।

पहले JDU के अंदर ही मामला फंसा

ये जगजाहिर है कि अनंत सिंह और वर्तमान पटना स्नातक सीट से विधानपार्षद नीरज कुमार के बीच तलवार खिंची हुई है। अनंत सिंह ने तो खुल्लमखुल्ला नीरज कुमार को हरवाने का ऐलान कर दिया है। उधर नीरज कुमार भी लगातार अनंत सिंह के खिलाफ एक से एक बयान दे रहे हैं। ‘पुदीना’ से लेकर 20 करोड़ की बाजी तक लग रही है। हालांकि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। सब कुछ ठीक कर लिया जाएगा। इस मामले को पार्टी के सीनियर नेता खुद देख रहे हैं। बावजूद इसके अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का झगड़ा अभी तक खत्म नहीं हुआ है।

23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।

इन आठ सीटों में पटना स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, सारण शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

पटना स्नातक सीट पर JDU के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को लेकर अनंत सिंह के विरोध ने चुनावी समीकरण को चर्चा में ला दिया है। अनंत सिंह ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह नीरज कुमार को चुनाव जितने नहीं देंगे। दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक मतभेद भी रहे हैं और हालिया बयानबाजी में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए उन्हें सबूत होने पर अदालत जाने की चुनौती दी है। यानी विवाद फिलहाल सिर्फ चुनावी बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों नेताओं के पुराने विवाद भी इसमें सामने आ रहे हैं।

हालांकि JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस विवाद को पार्टी के स्तर पर सुलझाने की बात कही है। उपलब्ध रिपोर्टों में पार्टी नेतृत्व की ओर से यह संकेत दिया गया है कि मामले को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।

महागठबंधन में भी सीटों को लेकर खींचतान

दूसरी तरफ महागठबंधन के भीतर भी सीट बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार RJD ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए, जिसके बाद कांग्रेस और वाम दलों के साथ समन्वय को लेकर सवाल उठे।

दरभंगा शिक्षक सीट पर वाम दल की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने और कांग्रेस के सीट संबंधी रुख में बदलाव को भी इसी राजनीतिक खींचतान के संदर्भ में देखा जा रहा है।

इसका असर यह है कि MLC चुनाव में NDA और महागठबंधन दोनों को अपने-अपने घटक दलों के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने बढ़ाया मुकाबला

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी इस चुनाव में सक्रिय भूमिका बढ़ाई है। पार्टी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है और शिक्षा तथा रोजगार जैसे मुद्दों को अपने चुनावी अभियान के केंद्र में रखने की बात कही है।

पटना स्नातक सीट पर डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्हें अनंत सिंह का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। प्रशांत किशोर ने अनंत सिंह के रुख पर कहा है कि जन सुराज के लिए मुख्य विषय उसका अपना उम्मीदवार और चुनावी अभियान है।

फिलहाल चुनावी मैदान में मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है, लेकिन अंतिम राजनीतिक तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और उम्मीदवारों की सूची तय होने के बाद ही सामने आएगी।

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