पटना, 11 सितंबर 2026। दीपावली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहारों पर घर लौटने वाले प्रवासी लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए बिहार सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी BSRTC की ओर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए 300 से अधिक स्पेशल बसें चलाने की योजना बनाई गई है। इसका मकसद त्योहारों के दौरान यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और घर पहुंचने की परेशानी को कम करना है।
दिल्ली में कहां से मिलेंगी बिहार के लिए बसें?
अगर आप दिल्ली से बिहार आना चाहते हैं तो आपको तीन बस स्टेंड से बसें मिलेंगी। आपको आनंद विहार, कश्मीरी गेट और सराय काले खां बस टर्मिनल से बिहार के लिए चलने वाली बसें मिलेंगी। ये बसें गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, लखनऊ, गोरखपुर या अयोध्या-बस्ती के रास्ते पटना पहुंचेगीं। यहां से यात्रियों को सीधे पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, सीवान, गोपालगंज, दरभंग और हाजीपुर पहुंचाया जाएगा।
त्योहारों के दौरान दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त बस सेवाएं यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक साधन उपलब्ध करा सकती हैं। खासकर अंतिम समय में यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
यूपी के इन शहरों से भी सीधी कनेक्टिविटी
बिहार स्पेशल बसों का संचालन उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से भी किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहरों से बिहार के अलग-अलग जिलों के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यूपी में रहने वाले बिहार के प्रवासी यात्रियों को अपने गृह जिले तक पहुंचने में आसानी होगी।
उत्तर प्रदेश से बिहार के बीच त्योहारों के दौरान सड़क मार्ग पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त सरकारी बसों का संचालन परिवहन व्यवस्था पर बढ़ने वाले दबाव को कम करने में मदद कर सकता है।
हरियाणा से भी चलेंगी स्पेशल बसें
हरियाणा में रहने वाले बिहार के प्रवासियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत जैसे शहरों से बिहार के पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए विशेष बसें चलाने की योजना है।
इन शहरों में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए कामगार और कर्मचारी रहते हैं। दीपावली और छठ के मौके पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के पास बिहार लौटते हैं। ऐसे में सीधी बस सेवा उनके लिए यात्रा को आसान बना सकती है।
300 से ज्यादा बसों से बढ़ेगी परिवहन क्षमता
BSRTC की ओर से 300 से अधिक बसें चलाने की योजना बनाई गई है। परिवहन विभाग का फोकस बसों की संख्या और संचालन को इस तरह व्यवस्थित करने पर है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की मांग के मुताबिक सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
हालांकि अलग-अलग रूट पर बसों की सटीक संख्या, किराया और संचालन की तारीखों से जुड़ी विस्तृत जानकारी यात्रियों को आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद मिल सकेगी। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित रूट और बस की उपलब्धता की जानकारी जरूर जांचना जरूरी होगा।
ट्रेनों के विकल्प के तौर पर भी मिलेगी सुविधा
दिवाली और छठ के दौरान बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। रेलवे ने भी इस साल यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इनमें आनंद विहार से लौकहा बाजार और आनंद विहार से पाटलिपुत्र जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।
इसके अलावा दिल्ली और बिहार के बीच अतिरिक्त रेल सेवाओं की घोषणा से यह संकेत मिलता है कि त्योहारों के दौरान यात्रा की मांग काफी बढ़ने वाली है। बस और ट्रेन दोनों विकल्प बढ़ाए जाने से यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा का साधन चुनने में मदद मिलेगी।
छठ पर घर लौटने वालों को सबसे ज्यादा फायदा
बिहार के लोगों के लिए छठ पूजा सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में काम करने वाले लोग अपने गांव और शहर लौटते हैं। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से बड़ी संख्या में प्रवासी बिहार पहुंचते हैं।
ऐसे में 300 से ज्यादा स्पेशल बसों की व्यवस्था सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि लाखों प्रवासी परिवारों के लिए समय पर घर पहुंचने का एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है। सरकार की कोशिश है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।