LDA घूसकांड में बड़ा खुलासा, विजिलेंस को मिली ‘सौदेबाजी की स्क्रिप्ट
JE और सुपरवाइजर के फोन से कई वॉयस रिकॉर्डिंग बरामद
लखनऊ , 14 अगस्त 2026 । लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से जुड़े कथित घूसकांड की जांच में विजिलेंस टीम को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए JE और सुपरवाइजर के मोबाइल फोन खंगालने पर कई वॉयस रिकॉर्डिंग मिलने की बात सामने आई है। इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर पैसों की मांग, रकम तय करने और लेनदेन को लेकर बातचीत दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। इन रिकॉर्डिंग्स को विजिलेंस जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
एक पीसीएस अधिकारी, दो इंजिनियर रेडार पर
कॉल डिटेल और मोबाइल रिकॉर्डिंग्स के विश्लेषण के बाद विजिलेंस के रेडार पर अब कुछ और बड़े नाम आ गए हैं। विजिलेंस के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल में शामिल एक पीसीएस अफसर और दो इंजिनियरों के खिलाफ जल्द बड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने मामले में एलडीए वीसी से मुलाकात की। जांच टीम ने वीसी को अब तक मिले सभी पुख्ता सुबूत, कॉल डिटेल्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग्स की जानकारी दी है, ताकि आरोपियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई को बिना किसी अड़चन के आगे बढ़ाया जा सके।
डिजिटल सबूत से मजबूत होगा केस?
घूसखोरी के मामलों में ऑडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल डेटा जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन अदालत में उनकी स्वीकार्यता और प्रमाणिकता कई कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है। इसलिए विजिलेंस अब बरामद रिकॉर्डिंग्स की सत्यता और उनके स्रोत की भी जांच करेगी।
जांच एजेंसी यह भी देख सकती है कि रिकॉर्डिंग में आवाजें किन लोगों की हैं और बातचीत किस तारीख व परिस्थिति में हुई थी।
आगे और लोगों के नाम सामने आने की संभावना
विजिलेंस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कथित रिश्वत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल मोबाइल फोन से मिले वॉयस रिकॉर्डिंग्स की जांच को अहम कड़ी माना जा रहा है।
यदि रिकॉर्डिंग्स में रिश्वत की मांग और लेनदेन से संबंधित स्पष्ट बातचीत की पुष्टि होती है, तो मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार और मजबूत हो सकता है। हालांकि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।