लुधियाना, 29 सितंबर 2026 । लुधियाना में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियाणवी ने शास्त्री की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के प्रचारक को समाज में भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देना चाहिए।
शाही इमाम ने शास्त्री से कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए माफी मांगने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि माफी नहीं मांगी जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह उनका सार्वजनिक बयान है; आगे किसी कानूनी कार्रवाई की स्थिति संबंधित अधिकारियों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और औद्योगिक विकास में लुधियाना शहर का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म की कथा या धर्म प्रचार से किसी को कोई ऐतराज नहीं हो सकता। संविधान हर किसी को अपने धर्म का प्रचार करने की आजादी देता है, लेकिन धार्मिक मंचों का दुरुपयोग कर नफरत फैलाना, समाज को बांटना और इस्लाम धर्म पर आपत्तिजनक व अशोभनीय टिप्पणियां करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों या कोई अन्य धर्म प्रचारक, सभी का पहला कर्तव्य समाज में मोहब्बत, अमन और आपसी सांझ का संदेश देना है।
धीरेंद्र शास्त्री ने पंजाब में किन मुद्दों पर बात की?
धीरेंद्र शास्त्री 26 से 30 सितंबर तक लुधियाना के ग्लाडा ग्राउंड में हनुमंत कथा कर रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में पंजाब में नशे और धर्म परिवर्तन को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और धार्मिक पहचान से जुड़े रहने की बात कही।
लुधियाना के ग्लाडा मैदान में आयोजित हनुमंत कथा में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार दूसरे दिन पंडाल में जगह कम पड़ने पर कई लोग बाहर खड़े होकर कथा सुनते दिखाई दिए।
कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। 26 से 30 सितंबर तक कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, जबकि कार्यक्रम स्थल के आसपास पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
शाही इमाम की ओर से माफी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब इस मामले में आगे की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में किसी अदालत के आदेश या धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ इस मामले में दर्ज FIR की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
मामले में दोनों पक्षों के बयानों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है। धीरेंद्र शास्त्री के बयानों को लेकर शाही इमाम ने आपत्ति जताई है, जबकि शास्त्री के संबोधन का व्यापक विषय सनातन धर्म, नशे और धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे रहे हैं।