नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026 । दिल्ली में ₹5.50 करोड़ के कथित GST रिफंड घोटाले का खुलासा होने के बाद एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी अधिकारियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों पर फर्जी दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं के जरिए अवैध रूप से GST रिफंड प्राप्त करने का आरोप है।
- ACB के मुताबिक, यह मामला ट्रेड एंड टैक्सेज विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
- जांच शुरू हुई तो पता चला कि अनिवार्य सत्यापन और वित्तीय जांच को दरकिनार कर करोड़ों रुपये के रिफंड जारी कर दिए गए।
- फर्जी दस्तावेजों और नकली तस्वीरों का इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को करीब 5.50 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
- जांच में आरोप है कि तत्कालीन GST अधिकारी अजीत सिंह ने बिना अनिवार्य जांच किए रिफंड मंजूर कर दिए, जबकि GST इंस्पेक्टर अटल भारद्वाज ने कारोबारी प्रतिष्ठानों का मौके पर निरीक्षण किए बिना झूठी रिपोर्ट तैयार की।
- इस पूरे खेल में लोअर डिवीजन क्लर्क हिमांशु मलिक की भी भूमिका सामने आई। वहीं अजय कुमार और आशीष मिश्रा पर घोटाले की रकम को छिपाने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी कंपनियों, गलत दस्तावेजों और रिकॉर्ड में हेरफेर के माध्यम से करोड़ों रुपये का GST रिफंड हासिल करने की साजिश रची। मामले की शिकायत मिलने के बाद ACB ने विस्तृत जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध लेनदेन और रिफंड प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ी बताई जा रही है। वहीं, अन्य आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पूरे नेटवर्क के संचालन में सहयोग करने का आरोप है। ACB अब बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि घोटाले के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में अन्य सरकारी कर्मचारी, कारोबारी या बिचौलिए भी शामिल थे या नहीं। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों और कर चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।