ललिता गौतम के परिवार को आर्थिक सहायता और आवास का ऐला
सीएम योगी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
गाजियाबाद , 18 जुलाई 2026 । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सीएम योगी ने ललिता गौतम के परिवार से मुलाकात की। सीएम योगी ने कहा कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। ललिता गौतम प्रकरण को लेकर सीएम सख्त नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को विवेचना पर लापरवाही पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही परिवार के लिए एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें भविष्य में रहने की स्थायी सुविधा मिल सके।
क्या है मेरठ ललिता गौतम की हत्याकांड
मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र के गगन एंक्लेव में रहने वाली 20 वर्षीय ललिता गौतम की हत्या कर दी गई थी। वह बीए की पढ़ाई कर रही थी। 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली ललिता गौतम देर शाम तक वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उसकी तलाश की मगर उनका कोई पता नहीं चला। जिसके बाद परिजनों ने 16 मई को थाना टीपी नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज में ललिता गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश नाम के युवक के साथ युवती दिखाई दीं।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी अंकुश को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने ललिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक, अंकुश और ललिता के बीच प्रेम संबंध थे। घटना वाले दिन दोनों साथ थे। इसी दौरान आरोपी ने ललिता के मोबाइल फोन में कुछ फोटो और चैट देखीं, जिसके बाद उसे शक हुआ कि उसका किसी अन्य युवक से भी संबंध है। पुलिस के अनुसार, इसी शक के चलते आरोपी ने ललिता की हत्या कर दी और शव को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के उपसिया जंगल स्थित गन्ने के खेत में फेंक दिया। परिजनों ने इस हत्याकांड में दूसरे आरोपियों की होने की बात करते हुए प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा घटना में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, संबंधित जिला प्रशासन को राहत राशि का शीघ्र वितरण, आवास संबंधी प्रक्रिया पूरी करने और परिवार को अन्य आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निगरानी करने को भी कहा गया है।
राज्य सरकार ने दोहराया है कि कानून-व्यवस्था और पीड़ितों को न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।